Wednesday, September 14, 2011

नाद

दुनिया ने राह में अंगारे बिछा के देख लिया!
ज़मीन ने खुद को फाड़ कर देख लिया!
तूफ़ान ने अपना रुख तेज़, बहूत तेज़ कर के भी देख लिया!
ऐ आसमाँ अपना दिल संभल के रख ले!! 
हमने अब उड़ने का मंसूबा बना लिया!!